नई दिल्ली : साल 2005 में दिल्ली में हुए सिरियल ब्लास्ट के आरोपी तारिक अहमद डार को 10 साल की सजा सुनाई गई है| सीरियल ब्लास्ट के लिए तारिक़ अहमद डार, मोहम्मद हुसैन फ़ाज़िल और मोहम्मद रफ़ीक शाह को मुख्य आरोपी माना गया था लेकिन इन तीन आरोपियों में से से सिर्फ तारिक़ अहमद को ही 10 साल की सजा सुनाई गई बाकी दो आरोपियों को बड़ी कर दिया गया है|

delhi blast 2005

 

तारिक़ अहमद डार इस सिरियल ब्लास्ट का मास्टर माइंड था जिसका लिंक लश्कर से जुड़ा हुआ था| कोर्ट ने इसका फैसला 12 साल बाद सुनाया है| तारिक़ पहले ही सजा से अधिक सालों से जेल में है| इसलिए कोर्ट ने फैसला किया है कि तारिक़ की सजा पूरी होने पर उसे बरी कर दिया जायेगा| वैसे तीनो आरोपी पहले ही बिना किसी सजा के 12 12 साल की जेल काट चुके है|

29 अक्टूबर 2005 को हुए इस सिरियल ब्लास्ट में 60 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 210 लोगों के घायल होने की खबर आई थी| दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस के दिन यह ब्लास्ट हुए थे| 3 ब्लास्टों में एक ब्लास्ट सरोजनी नगर, एक ब्लास्ट पहाड़गंज और तीसरा ब्लास्ट गोविन्द पूरी के बाजार में हुआ था तीनो ब्लास्ट भीड़भाड़ वाली जगह में हुए थे|